जिले में 10 डिप्टी रेंजरों को रेंज का चार्ज… ‘प्रभारवाद’ के खिलाफ रेंजरों ने खोला मोर्चा, PCCF को लिखा पत्र

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जिले में 10 डिप्टी रेंजरों को रेंज का चार्ज… ‘प्रभारवाद’ के खिलाफ रेंजरों ने खोला मोर्चा, PCCF को लिखा पत्र

पंकज दाउद @ बीजापुर। छग में डिप्टी रेंजरों को रेंज का प्रभार दिए जाने और रेंजर के पदनाम के इस्तेमाल को लेकर परिक्षेत्र अधिकारी खफा हैं।

– इंद्रावती टाइगर रिजर्व का कार्यालय।

खुद बीजापुर जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व और सामान्य वन मण्डल में करीब 10 डिप्टी रेंजरों को रेंज का प्रभार दिया गया है। डिप्टी को रेंज का प्रभार दिए जाने की मुखालफत करते प्रधान वन मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख को एक आवेदन दिया है।

इसी पखवाड़े छग रेंजर एसोसिएशन की आम सभा हुई। इसमें कई विषयों पर चर्चा की गई। सभा में कहा गया कि राज्य में कई रेंज का प्रभार डिप्टी रेंजरों को दिया गया है। अब डिप्टी रेंजर प्रभारी रेंजर के पदनाम का इस्तेमाल ना कर रेंजर के पदनाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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वे रेंजर पद की सील लगा रहे हैं। इससे रेंजर पद का दुरूपयोग हो रहा है। नए नियुक्त वन क्षेत्रपाल अभी परिक्षेत्र सहायक का प्रशिक्षण ले रहे हैं और सितंबर तक वे प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी के पद पर हैं। उन्हें हटा दिया जाना चाहिए। उनके स्थान पर पूर्णकालिक वन परिक्षेत्र अधिकारी की पदस्थापना की जानी चाहिए।

नए नियुक्त वन क्षेत्रपालों को प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी के अधीन रख प्रशिक्षण ना दिया जाए क्योंकि ये गरिमा के विपरित है।

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एसोसिएशन ने पीसीसीएफ से आग्रह किया है कि वे वन मण्डल अधिकारियों को पत्र लिखकर ये निर्देश दें कि कोई भी डिप्टी रेंजर परिक्षेत्र अधिकारी की सील मुद्रा इस्तेमाल ना करे। वे प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी की सील मुद्रा का उपयोग करें। अन्यथा महालेखाकार को सूचना देकर एसोसिएशन विधिवत कार्रवाई के लिए बाध्य होगा।

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इस बारे में एसोसिएशन का प्रतिनिधिमण्डल पीसीसीएफ से 31 जुलाई को चर्चा करेगा। कहा जा रहा है कि इस मसले का संतोषजनक समाधान नहीं होने पर एसोसिएशन 17 अगस्त से आंदोलन करेगा।

समान भुगतान प्रणाली हो

रेंजर एसोसिएशन ने कहा है कि समूचे प्रदेश में एक ही भुगतान प्रणाली लागू होनी चाहिए। यदि मनरेगा पद्धति हो तो पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाए या कैश भुगतान हो तो पूरे प्रदेश में कैश भुगतान हो। रेंजरों के संबंध में पत्राचार अराजपत्रित शाखा से किया जा रहा है जबकि रेंजर राजपत्रित हैं। पत्राचार राजपत्रित शाखा से किया जाना चाहिए।

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