कलेक्टर-एसपी के कॉलर पकड़ने की जरूरत नहीं, जरूरत है जन समस्याओं को लेकर संघर्ष की- कुंजाम

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सुकमा @ खबर बस्तर। कोंटा के पूर्व विधायक और सीपीआई नेता मनीष कुजाम ने आबकारी मंत्री कवासी लखमा के ‘कलेक्टर-एसपी के कॉलर पकड़ने’ वाले विवादित बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि बस्तर में जन समस्याओंं को लेकर संघर्ष करने की जरूरत है ना कि अधिकारियों के कॉलर पकड़ने की।

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मनीष कुंजाम गुरूवार को सुकमा के मिनी स्टेडियम में भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी द्वारा 11 सूत्रीय मांगों को लेकर दिए गए धरने को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश सरकार और क्षेत्रीय विधायक व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जमकर लताड़ा।

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मनीष कुंजाम ने कहा कि कवासी लखमा पिछले 20 वर्षों से इस क्षेत्र के विधायक हैं। अच्छा होता कि लखमा बच्चों को ये सीख देते कि अनपढ़ होने के बावजूद वे विधायक निर्वाचित हुए हैं और आज पढ़ाई कर बीए-एमए की शिक्षा प्राप्त की है। लेकिन कवासी लखमा बच्चों को उल्टी और हिंसात्मक शिक्षा दे रहे हैं।

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कुंजाम का आरोप है कि कवासी लखमा उल-जुलूल बयान बाजी कर अपनढ़ होने का बेजा फायादा उठाते हैं। पिछले 20 वर्षों की विधायकी में कवासी लखमा ने अफसरों की दलाली की है। ऐसे में उनकायह बयान निंदनीय है। इस दौरान कुसुम नाग, घेनवाराम नेगी, गंगा मरकाम, गंगाराम नाग, अब्दुल गफ्फूर, हड़मा मड़काम समेत बड़ी संख्या में भाकपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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धरना पश्चात मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सुकमा एसडीएम को सौंपा गया। भाकपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूर्ववर्ती सरकार की तरह ही काम कर रही है। चुनाव से पूर्व कवासी लखमा ने क्षेत्र की जनता से वादा किया था कि जेल में बंद निर्दोष ग्रामीणों को सत्ता में आते ही निःशर्त ही रिहा किया जायेगा। लेकिन सरकार बने करीब 10 माह के बाद भी अपने किये वादे को पूरा नहीं किया है।

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शराब को लेकर बदला नजरिया

भाकपा नेताओं के मुताबिक सत्ता में आने से पूर्व कवासी लखमा ने प्रदेश में शराब बंदी का वादा किया था। लेकिन आज आबकारी मंत्री बनने के बाद शराब को लेकर उनका नजरिया बदल गया है। आज कोंटा विधानसभा के हर पंचायत में कवासी लखमा के कार्यकर्ता ही अंग्रेजी शराब बेच रहे हैं। कवासी लखमा जरूर बड़े नेता बन गये हैं लेकिन क्षेत्र की जनता को इससे कुछ फायदा नहीं हुआ।


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