आफत बनी बारिश: नेशनल हाईवे पर आवाजाही ठप… जगदलपुर, निजामाबाद और वारंगल के रास्ते बंद… एक ही दिन हुई 236 मिमी बारिश, सड़क भी बह गई

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आफत बनी बारिश: नेशनल हाईवे पर आवाजाही ठप… जगदलपुर, निजामाबाद और वारंगल के रास्ते बंद… एक ही दिन हुई 236 मिमी बारिश, सड़क भी बह गई

पंकज दाऊद @ बीजापुर। एक सप्ताह से लगातार हो रही मूसलधार बारिश के चलते कई स्थानों पर सड़क डूब गई है तो कहीं बह गई है। इससे नेशनल हाईवे 63 पर सुबह से आवाजाही पूरी तरह ठप है। इधर, भारी बारिश के चलते कई गांवों में घर गिर गए हैं, तो कहीं घरों में पानी घुस आया है। हलाकान परेशान लोगों को राहत शिविर में शिफ्ट कर दिया गया है।

मौसम विज्ञान केन्द्र के मुताबिक शनिवार को जिले में रेकार्ड 236 मिमी बारिश हुई जबकि रविवार को 160 मिमी बारिश का अनुमान लगाया है। बारिश के कारण नेशनल हाईवे 63 पर मिंगाचल नदी के दोनों ओर पानी भरकर सड़क पर आ गया है। यहां शनिवार की सुबह से ऐसी स्थिति है।

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सड़क के दोनो ओर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। जवानों ने सड़क में बेरिकेटिंग कर रखी है और आगे जाने वालों को रोका जा रहा है। मिंगाचल नदी के एक ओर बने सीआरपीएफ के कैम्प में भी पानी भर गया है। शनिवार की सुबह बविप्रा उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक विक्रम शाह मण्डावी ने मिंगाचल जाकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और सीआरपीएफ के जवानों से चर्चा की।

विधायक मण्डावी ने सकनापल्ली के आश्रित ग्राम झाड़ीगुट्टा में लोगों को निकालने बोट भिजवाई। इधर, जांगला में पुल के उपर से पानी बह रहा है। निजामाबाद और वारंगल की ओर मोदकपाल में नेशनल हाईवे पर बने पुल के उपर से रातभर पानी बहता रहा।

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इससे पुल के एक ओर की सड़क बह गई और गड्ढा हो गया। इसे दोपहर तक दुरूस्त नहीं किया जा सका था। पिछले साल भी इसी स्थान पर तेज बहाव से गड्ढा हो गया था। इधर चेरपाल नाले पर पानी भर जाने से गंगालूर रोड बंद है।

यही हाल तोयनार रोड का हैं। इस मार्ग पर बोरजे नाले पर बने पुल से दो दिनों से पानी बह रहा है। दो दर्जन गांव इससे प्रभावित हैं। नैमेड़ गांव में नाले के उफान पर आ जाने से कुटरू रोड बंद है। कुटरू रोड पर बसे गांव कोमला में भारी बारिश के चलते एक दर्जन से अधिक घर गिर गए। गांव के प्रभावित लोगों को मिंगाचल के पंचायत भवन एवं स्कूल में ठहराया गया है।

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राहत मिली प्रभावितों को

कलेक्टर रितेश अग्रवाल, एसपी कमलोचन कश्यप व डीएफओ अशोक पटेल ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। उन्होंने मिंगाचल के समीप पानी से घिरे गाव कोमला के लोगों को निकालने राजस्व कर्मियों को बोट की व्यवस्था करने कहा और मिंगाचल में राहत शिविर में रखने कहा। इसके अलावा अफसरों ने नैमेेड़ एवं अन्य गांवों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अफसरों ने मोदकपाल एवं बोरजे के पुल का भी निरीक्षण किया।

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