ग्रामीणों ने किया तहसील कार्यालय का घेराव, 19 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जमकर प्रदर्शन

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Villagers surrounded Tehsil office for 19 point demands

ग्रामीणों ने किया तहसील कार्यालय का घेराव, 19 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जमकर प्रदर्शन

दंतेवाड़ा @ खबर बस्तर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सैकड़ों ग्रामीणों ने बुघवार को कटेकल्याण तहसील कार्यालय का घेराव कर दिया। अपनी 19 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन भी किया।

बताया जा रहा है कि कटेकल्याण ब्लाक के सरपंचों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस बारे में प्रशासन से अनुमति मांगी थी। ग्रामीणों के प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस के जवान चप्पे चप्पे पर तैनात थे। इसके बावजूद पुलिस से बचते-बचाते सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण ब्लाॅक मुख्यालय पहुंचे थे।

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Villagers surrounded Tehsil office for 19 point demands

बड़ी संख्या में ग्रामीण जब तहसील कार्यालय का घेराव करने पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इससे नाराज ग्रामीण तहसील कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी करने लगे। ऐसे ही काफी देर तक हंगामा होता रहा।

मौके पर मौजूद ASP राजेंद्र जायसवाल ने ग्रामीणों को समझाइश दी और उन्हें शांत किया। एएसपी ने ग्रामीणों को सलाह दी कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखें। इस बीच ग्रामीणों और पुलिस के बीच हल्की झूमाझटकी भी हुई। प्रदर्शन के दौरान 26 गांव के सरपंच और सर्व आदिवासी समाज के लोग मौजूद थे।

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यह है ग्रामीणों की प्रमुख मांगें…

  • मनरेगा की मजदूरी 450 रुपए की जाए।
  • जिस भूमि का शासन अधिग्रहण करती है उसे ग्राम सभा की अनुमति के बिना न किया जाए।
  • 15 साल पहले से संचालित स्कूल एवं आश्रमों में नए भवन स्वीकृत किए जाएं।
  • धान बिक्री के पश्चात 15 दिवस के भीतर शासकीय दर के आधार पर राशि प्रदान की जाए।
  • हर विभाग के रिक्त पदों के आधार पर नई भर्तियां निकाली जाएं।
  • पूर्व में नक्सली के नाम पर किसी व्यक्ति को जेल में बंद कर रिहाई के पश्चात उन्हें पुनः सरेंडर न कराया जाए।
  • गश्त पर निकलने वाले जवान ग्रामीणों से लूटपाट एवं अत्याचार न करें।
  • NMDC की भर्तियों में रोस्टर का पालन करते हुए भर्ती की जाए।
  • फर्जी मुठभेड़ में ग्रामीणों को मारने वालों के ऊपर कार्रवाई की जाए।
  • DRG जवान ग्रामीणों को नक्सली बताकर पकड़कर ले जाना बंद करें।
  • बस्तर के स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी में प्राथमिकता दें।
  • गुड़से ग्राम पंचायत की पांडे कवासी मामले में न्यायिक जांच की जाए। उनके परिवार को मुआवजा और नौकरी दी जाए।
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