अपने ही पुराने साथी को ‘ढोकर’ ले गए नक्सली ! चन्नूराम ने 3 माह पहले किया था सरेंडर

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अपने ही पुराने साथी को ‘ढोकर’ ले गए नक्सली ! चन्नूराम ने 3 माह पहले किया था सरेंडर, बाजार से हुआ अपहरण

पंकज दाऊद @ बीजापुर। भैरमगढ़ इलाके में जनमिलिशिया मेंबर के तौर पर काम करने के बाद माओवाद से तीन माह पहले तौबा करने वाले चन्नूराम माड़वी (26) को नक्सली गंगालूर बाजार से मंगलवार की दोपहर तीन बजे उठाकर ले गए।

मिरतूर थाना क्षेत्र के जप्पेमरका गांव के निवासी चन्नूराम ने तीन माह पहले सरेण्डर किया था। उसके पहले वह मिलिशिया से तौबा करने के बाद हैदराबाद चला गया था। वहां से वह तीन माह पहले आया और उसने गांव के सहायक आरक्षकों की समझाईश पर यहां सरेण्डर कर दिया।

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– चन्नू के मामा, पत्नी एवं बच्चे।

 

उसकी पत्नी पाण्डे माड़वी ने बताया कि उनके तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। उसने बताया कि उनका परिवार फिलहाल यहां शांतिनगर में रहता है। अपने गांव में वे नक्सलियों के डर से नहीं जाते हैं। रिश्ते में मामा बामन पोड़ियामी और मोटू कुड़ामी भी जप्पेमरका छोड़कर यहां शांतिनगर में आकर रहते हैं।

जप्पेमरका में नक्सलियों ने उन्हें पुलिस मुखबिरी के शक में मारने की कोशिश भी की थी। दो सप्ताह पहले ही वे जप्पेमरका से यहां आए। बामन पोड़ियामी एवं मोटू कुड़ामी यहां से दोपहर 12 बजे गंगालूर के लिए निकले थे। वहां चावल लेने के बाद जब वे बाजार गए, तो वहां दस से बारह नक्सली मौजूद थे। वे चन्नूराम को लादकर ले गए।

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नक्सलियों के हाथों में चाकू एवं अन्य हथियार थे। इस वजह से वे चन्नू को बचा नहीं सके। बामन ने बताया कि वह उनमें से कुछ नक्सलियों को जानता है। इनमें मुद्दा कड़ती, दुग्गी माड़वी व विष्णु माड़वी के अलावा कुछ अन्य नक्सली थे।

मिली थी 10 हजार की प्रोत्साहन राशि

सहायक आरक्षकों की समझाईश पर चन्नू ने समर्पण किया। पुलिस की ओर से उसे 10 हजार रूपए बतौर प्रोत्साहन मिले। चन्नू बाल संघम के रूप में नक्सली संगठन से जुड़ा था और फिर मिलिशिया मेंबर बना। वह भरमार रखता था। वह भैरमगढ़, मिरतूर, तिमनार, पुरवाड़ा, कोड़ेपाल एवं अन्य इलाको में सक्रिय था।

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पत्नी ने की अपील

पत्नी पाण्डे माड़वी ने नक्सलियों ने उनके पति को छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने संगठन को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। उनके चार छोटे बच्चे हैं।