जानिए… इस नगर से कैसे गायब हो जाएगा प्लास्टिक कचरा ! पालिका ने सीमेंट कंपनी से किया करार

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Municipality contracts with cement company for disposal of plastic waste in Bijapur

जानिए… इस नगर से कैसे गायब हो जाएगा प्लास्टिक कचरा ! पालिका ने सीमेंट कंपनी से किया करार

पंकज दाऊद @ बीजापुर। नगरपालिका क्षेत्र में अब प्लास्टिक और पाॅलीथिन का कचरा नहीं दिखेगा क्योंकि इसे ले जाने के लिए पालिका का एक सीमेंट कंपनी से अनुबंध हुआ है। कंपनी इस कचरे का इस्तेमाल सीमेंट उद्योग में करेगी।

नगरपालिका के सीएमओ पवन कुमार मेरिया ने बताया कि समूचे राज्य में नगरीय निकायों का सीमेंट कंपनियों से अनुबंध हुआ है। निकटस्थ फैक्ट्री प्लास्टिक कचरे को वाहन से उठाकर ले जाएगी। गीले कचरे को खपाने में दिक्कत नहीं हो रही थी क्योंकि इससे खाद बनाया जा रहा है लेकिन सूखे कचरे को बेचने या खपाने में परेशानी हो रही थी।

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इस करार से पालिका क्षेत्र से प्लास्टिक और पाॅलीथिन का कचरा स्वतः साफ हो जाएगा। यत्र-तत्र फैलीं प्लास्टिक की बोतलें भी संग्रह की जाएंगी और इसे ठिकाने लगा दिया जाएगा। अब तक हालांकि सीमेंट फैक्ट्री ने वाहन नहीं भेजी है लेकिन प्लास्टिक कचरा संग्रह है।

Municipality contracts with cement company for disposal of plastic waste in Bijapur

सीएमओ पवन कुमार मेरिया ने बताया कि जब भी वाहन आएगी, कचरा दे दिया जाएगा। उनका कहना है कि ये कचरा मुफ्त में भी कंपनी ले जाए, तो इससे कोई परेशानी नहीं है क्योंकि इससे निकास व्यवस्था पर काफी विपरित असर पड़ता है। इसके अलावा भूमि की उर्वरा शक्ति भी क्षीण होती है।

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ये शहर उगल रहा 1800 किलो कचरा

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सीएमओ पवन मेरिया ने बताया कि रोजाना नगर में करीब 1800 किलो कचरा निकल रहा है। इसमें 1200 किलो गीला व 600 किलो सूखा कचरा शुमार है। उन्होंने बताया कि शहरियों को गीला एवं सूखा कचरा अलग रखने के लिए डब्बे दिए गए थे लेकिन वे दोनों को मिलाकर डोर डू डोर संग्रह वाली गाड़ी में डाल देते हैं। इससे सूखे व गीले कचरे के पृथक्करण में परेशानी होती है।

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सीएमओ ने बताया कि प्लास्टिक और पाॅलीथिन के सूखे कचरे को धोकर अलग रखा जाता है। वहीं गीले कचरे से खाद बनाई जाती है। ये काम स्व सहायता समूह की महिलाएं करती हैं। इसमें मुनाफा उनका ही होता है। इस समूह में कुल 25 महिलाएं हैं, जो यह काम कर रही हैं।

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10 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट बेचा

हाल ही में दस क्विंटल वर्मी कंपोस्ट वन विभाग को 25 रूपए किलो की दर से बेचा गया। अभी और दस क्विंटल कंपोस्ट उपलब्ध है। सीएमओ पवन मेरिया ने बताया कि कोकड़ापारा में वर्मी कंपोस्ट बनाया जा रहा है। यहां इसके लिए 25 पिट बनाए गए हैं। केंचुए कोण्डागांव से डेढ़ साल पहले मंगाए गए थे। जैविक खेती के लिए ये खाद बहुत अच्छी है।

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