नक्सली हिड़मा ने तेलंगाना में किया सरेंडर, पुलिस के सामने डाले हथियार

10403

नक्सली हिड़मा ने तेलंगाना में किया सरेंडर, पुलिस के सामने डाले हथियार

सुकमा @ खबर बस्तर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सक्रिय नक्सली माड़वी हिड़मा (25) ने सीमावर्ती तेलंगाना पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। आत्मसमर्पण के दौरान हिड़मा ने पुलिस को एक राइफल भी सौंपी है।

तेलंगाना के मुलुगु जिले में सीआरपीएफ 151 बटालियन (कालिवेरू) के कमांडेंट प्रद्युम्न कुमार सिंह, टूआईसी विष्णु चरण मुनाखिया और मुलुगु पुलिस के समक्ष माओवादी माड़वी हिड़मा ने आत्मसमर्पण किया है।

यह भी पढ़ें :  कैम्प हटाने की मांग: पत्थरबाजी से हिंसा भड़की और गोलीबारी पर खत्म... तीन की जान गई और 18 घायल

तेलंगाना पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक, नक्सली माड़वी हिड़मा (25) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के थोंडामरका गांव का रहने वाला है। वह 16 साल की उम्र में नक्सली संगठन की चैतन्य नाट्य मंडली से जुड़ा और 2017 में हिड़मा मिलिशिया में शामिल हुआ।

खूंखार नक्सली ‘हिड़मा’ नहीं

तेलंगाना में नक्सली हिड़मा के सरेंडर की खबर के बाद इसे खूंखार नक्सली ‘माड़वी हिड़मा’ समझा गया लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस ने साफ किया है कि ये वो कुख्यात नक्सली नहीं है। सुकमा SP सुनील शर्मा का कहना है कि तेलंगाना में सरेंडर करने वाला नक्सली स्मॉल कैडर का है। ये वो हिड़मा नहीं है, जो कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है।

यह भी पढ़ें :  युवा उत्सव में बिखरी लोक संस्कृति की छटा, 26 इवेंट में चार सौ प्रतिभागियों ने दिखाई प्रतिभा

दरअसल, दोनों के नाम में समानता की वजह से यह संशय की स्थिति बनी। आत्मसमर्पित नक्सली सुकमा जिले के थोंडामरका गांव का निवासी है। जबकि मोस्ट वांटेड नक्सली माड़वी हिड़मा सुकमा के ही जगरगुंंडा थाना क्षेत्र के पूवर्ती गांव का रहने वाला है। एसपी ने बताया कि मोस्ट वांटेड नक्सली की तलाश की जा रही है। नक्सली हिड़मा अपने पास AK-47 हथियार रखता है।